Wednesday, October 21st, 2026

प्रदेश में किसानों की ‘उम्मीदों’ पर गिरे ओले

भोपाल
मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। मंगलवार को भोपाल समेत कई जिलों में बारिश हुई। इसका कारण बंगाल में आने वाली नमी से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच ट्रर्फ बनना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन बादल छाने और हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 22 फरवरी से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ सकती है। वहीं कटनी जिले में भी आधा दर्जन गांवों में बारिश के साथ गिरे ओले गिरे। जिससे गेहूं, चना, मसूर सहित फसलों के भारी नुकसान हुआ है। करीब पंद्रह मिनिट तक चने के आकार के ओले गिरे। जिसके कारण खेतों में बर्फ की चादर सी बिछ गई थी। वहीं बारिश से किसानों के चेहरे पर कुछ रौनक लौट आई, लेकिन जिन किसानों की फसल पककर तैयार है, उनका काफी नुकसान हुआ है। बारिश के साथ ओले भी जम कर गिरे जिससे फसल चौपट हो गई।  
सागर में बिछ गईं गेहूं की बालियां
सागर जिले में सुबह बारिश हुई। वहीं देवरी ब्लॉक के महाराजपुर व केसली ब्लाक में ओलावृष्टि हुई। केसली में जहां चना के आकार के ओले गिरे। वहीं महाराजपुर में बेर के आकार के ओले करीब दस मिनट तक गिरे। इससे पककर खड़ी फसलों को नुकसान है। ओले गिरने से चना, मसूर की घेंटी व गेहूं की बालियां झडऩे के समाचार हैं। वहीं ओलावृष्टि से लहसुन व प्याज के कंद को नुकसान है। यहां पककर खड़ी फसल को क्षति पहुंची है। 
बैर के आकार के गिरे ओले 
सिवनी जिले के छपारा, केवलारी व धनौरा ब्लाक के आधा सैकड़ा से अधिक गांवों में तेज बारिश के साथ 2 मिनट तक बैर से चने के आकार के ओले गिरे। इस ओलावृष्टि से किसानों के खेतों व सडक़ पर ओले की परत बिछ गई। बारिश व ओले की वजह से गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 
विदिशा में मसूर, गेहूं चौपट
विदिशा जिले में मंगलवार की तडक़े 3 बजे तेज गडग़ड़ाहट के साथ करीब आधा घंटे तक जोरदार बारिश हुई। खेतो में काटकर रखी चना और मसूर की फसल खराब हो गई। वही खड़ी गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है। 

 

#गिरे ओले

Source : Agency

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